दैनिक प्रार्थना

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Friday, October 31, 2008

ईश्वर ने अल्लाह से कहा

गुवाहाटी बम धमाकों के बाद, ईश्वर और अल्लाह की मीटिंग हुई. ईश्वर ने कहा, यार जब हमारे अनुयाई इंसानों का खून बहाते हैं तो मुझे बहुत तकलीफ होती है. इस से भी ज्यादा दुःख की बात यह है कि यह लोग यह खून खराबा हमारा नाम लेकर करते हैं. 

अल्लाह ने कहा, क्या करें भाई सब कुछ गड़बड़ा गया है. अब हम से तो कोई डरता ही नहीं. बस जो शैतानों ने कह दिया इन के लिए वही सही है. काम शैतान का और करते हैं हमारे नाम पर.

ईश्वर ने कहा, क्या करें, एक ब्लाग बनायें क्या? 

अल्लाह बोले, उस से क्या फायदा होगा, यह लोग उस पर भी गाली-गलौज शुरू कर देंगे और मुफ्त में बदनाम होंगे हम. सब लोग यही कहेंगे, ईश्वर-अल्लाह के ब्लाग पर देखो क्या जम कर गाली-गलौज हो रही है. 

ईश्वर ने कहा, मुझे तो डर लग रहा है, क्या होगा आगे?

अल्लाह ने निराशा से कहा, वही होगा जो शैतान चाहेगा. 

8 comments:

seema gupta said...

ईश्वर ने कहा, मुझे तो डर लग रहा है, क्या होगा आगे?
अल्लाह ने निराशा से कहा, वही होगा जो शैतान चाहेगा.
" sach kha aapne, ab to shaitano se aalah or ishwar bhee drne lgeen hain to fir aam inssan ke kya beesat hai.."

Regards

Anil Pusadkar said...

चिंता न करें गुप्ता जी दोनों की दो-तीन मीटिंग और हो जाये तो शैतान का नामोंनिशान मिट जायेगा ।

Zakir Ali 'Rajneesh' said...

अच्‍छा व्‍यंग्‍य है। काश, इससे अल्‍लाह और ईश्‍वर के बंदे कुछ सीखते।

श्रीकांत पाराशर said...

Anilji ne kaha vahi rasta theek lagta hai. ishwar- allah ki do char meeting ho jane deejiye, shaitano ki pol khul jayegi.

SHUAIB said...

ईश्वर और अल्लाह से लोग काहे डरें?
आज हर कोई अपने आपको ईश्वर अल्लाह सम्झने लगे हैं।
लोग दूसरों को ईश्वर अल्लाह से डराते हैं मगर खुद नहीं डरते।
व्यंगय अच्छा है।

फ़िरदौस ख़ान said...

वही तो हो रहा है जो शैतान चाहता है...

Manish said...

गुप्ता जी इश्वर और अल्लाह के पास इस तरह कामो के लिए वक्त नही है. वो तो कहते हैं ये सब मेरे डिपार्टमेन्ट का कम नही है. इसके लिए तो आपको ख़ुद ही मेहनत करनी पड़ेगी क्योकि ये सब मैंने नही बनाए हैं. जिस दिन मेरी बनाई सृष्टी पर ये लोग हावी होने लगेंगे उस दिन मैं एक ही बार में सब कुच्छ नया कर दूँगा. इन रोज रोज के झमेलों में हम नही पड़ते. तुम लोग खेलो जब तक खेल सकते हो.

राज भाटिय़ा said...

ईश्वर ने अल्लाह कुछ नही करेगे, उन्होने हमे दिमाग दिया है, इस लिये हमे ही कुछ करना होगा, पुजा पाठ तो सोम नाथ मंदिर के समय भी काम नही आई