दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो.

Thursday, October 30, 2008

बुरा इंसान

न हिंदू बुरा है,
न मुसलमान बुरा है,
करता है जो नफरत,
वह इंसान बुरा है.

ईश्वर ने बनाया है प्रेम, 
शैतान ने बनाई है नफरत.
प्रेम ईश्वर की पूजा है.
नफरत शैतान  का नाम दूजा है. 

प्रेम करो सबसे, नफरत न करो किसी से.

5 comments:

Udan Tashtari said...

उम्दा संदेश!!

seema gupta said...

करता है जो नफरत,
वह इंसान बुरा है.
" very true and rightly said.."
Regards

राज भाटिय़ा said...

बिलकुल सही कहा आप ने जो नफ़रत बाटंत है वह शेतान है चाहे किसी के नाम से भी नफ़रत बांटे, ओर जो उन का साथ देता है, वह शेतान का बेटा है
धन्यवाद

malvika dhar said...

firdaus khan sirf musalman ,hindu aur gazal,nazam per likhti hai.yeh manvadhikar ki baat karti hai per khud kitni aloktantrik aur kattar hai iska udaharan dena chahti ho.maine inke blog per likha -rajthakre deshdrohi hai yeh khabar nahi vichar hai,fatva hai,gyan hai.iske bahane apni pith mat thoke .news aur views ke beech fark ko samjhe.varna majak ban jayengi.inhone mera comment to nahi diya sare kattarpanthiyo ka jarur diya.yeh hai inka secular muslim chehra.

Suresh Chandra Gupta said...

यह एक दुःख की बात है. फ़िरदौस शिक्षित मुसलामानों के वर्ग से आती हैं. शिक्षित हैं, इसलिए इनसे यह उम्मीद करना ग़लत नहीं है कि वह मुद्दों को सही रूप में देखेंगी, और दूसरे मुसलमानों को सही सलाह देंगी. लेकिन वह जो कर रही हैं उस से नफरत और फैलेगी, समस्या और उलझेगी, बंद दिमाग और बंद हो जायेंगे. मुझे तो अब इन शिक्षित मुसलमानों से डर लगने लगा है.

जामिया यूनिवर्सिटी ने शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह को डाक्टर की उपाधि दी, और इस अवसर पर जो भाषण दिया वह एक खतरे की घंटी है. शबाना को तो सब जानते हैं, इन्होनें मुंबई में मकान न मिलने पर भारतीय लोकतंत्र को मुसलमानों के ख़िलाफ़ है ऐसा करार दे दिया था. इन को तो जामिया का डाक्टर बनाना ही चाहिए था. एक और महान शक्शियत जिसे जामिया का डाक्टर बनाया गया वह हैं हुसेन, जिन्होनें हिंदू देवी-देवताओं के नग्न चित्र बनाए थे. अब तो अफज़ल को भी जामिया का डाक्टर बना देना चाहिए.