'प्रेम करो सब से, नफरत न करो किसी से'

दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो.

Saturday, October 18, 2008

दुल्हन

स्वयम्वर में बने बैठे हैं,
मुसलमान एक दुल्हन,
रिझा रहे हैं उसे हर तरह से,
स्वघोषित धर्म-निरपेक्षी,
शायद डाल दे मेरे गले में,
वोटों का हार यह दुल्हन!

2 comments:

राज भाटिय़ा said...

अरे वाह क्या सुन्दर ढंग से आप ने अपनी बात कह दी,
धन्यवाद

aam aadmi said...

पिछले कितने चुनावों से यही चल रहा है. दुल्हन के वोटों के हार के उमीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है.