दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो.

Friday, January 02, 2009

वाँछित और अवांछित

मर्यादा का अतिक्रमण - 
- अधिकार का अतिक्रमण
- व्यवहार का अतिक्रमण
- व्यवस्था का अतिक्रमण

तन, मन, धन -
- तन मध्यम
- मन विशाल
- धन कम 

मस्तक, ह्रदय, चरण - 
- मस्तक वौद्धिकता
- ह्रदय हार्दिकता
- चरण धार्मिकता 

1 comment:

Chintan - चिन्तन said...

सुविचार और प्रेरणा स्त्रोत !