कंधमाल में इसाई जबरन धर्म परिवर्तन में लगे हैं.एक स्वामी जी इसका विरोध कर रहे थे। उनकी और उन के चार चेलों की हत्या कर दी गई. इस पर वहां के हिंदू भड़क उठे और दंगा हो गया। इससे पादरियों ने चिल्लाना शुरू किया, फ़िर पोप चिल्लाये, पादरी प्रधानमंत्री से मिले, अदालत ने प्रदेश सरकार को ईसाइयों को बचने के निर्देश दिए, पर किसी ने भी स्वामी जी और उनके चेलों की हत्या की निंदा नहीं की। किसी ने भी पादरियों से यह नहीं कहा कि आप धर्म परिवर्तन करना बंद क्यों नहीं करते। किसी ने भी इन्हें यह नहीं समझाया कि आप को जो आजादी और सुविधाएं मिली हें आप उनका नाजायज फायदा उठाना बंद करें। बस इस देश में सारी सीख हिन्दुओं के लिए है - भाई आप बहुसंख्यक हें इस लिए मरो और चुप रहो।
आज अखबार में एक लेख छपा है कि कैसे ईसाई मत का धंदा हो रहा है? कैसे रोज नए-नए चर्च बन रहे हें? आप भी पढ़िये।

















